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विभागीय सार्वजानिक उपक्रम
1. हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति/जन जाति विकास निगम
(H.P. Scheduled Castes/Scheduled Tribes Development Corporation)
उद्देश्य
निर्धन अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने हेतु उनके कारोबार को बढ़ाने तथा अन्य स्वयं रोजगार धन्धे चलाने हेतु सहायता, प्रशिक्षण तथा ऋण उपलब्ध करवाना ।
योजनाएं
(1) स्वरोजगार योजना
- अधिकतम ऋण सीमाः 50,000/-रू0
- ब्याज दरः 4 से 6 प्रतिशत
पात्रता
18 वर्ष से अधिक आयु के गरीबी रेखा से नीचे तथा गरीबी रेखा से दुगनी आय सीमा तक के व्यक्ति ।
(2) अम्बेदकर लघु ऋण
- अधिकतम ऋण सीमाः 25,000/-रू0
- ब्याज दरः 4 प्रतिशत
पात्रता
18 वर्ष से अधिक आयु के गरीबी रेखा से नीचे के व्यक्ति ।
(3) हिम स्वावलम्बन योजना
प्रयोजनः टैक्सी वाहन, मिनी बस, ट्रक, ट्रेक्टर होटल, ढाबा, लघु व्यवसाय आदि के लिये
- अधिकतम ऋण सीमाः 50,000/- से 30.00 लाख
- ब्याज दरः 5.00 लाख तक पर 6 प्रतिशत
5.00 लाख से अधिक पर 8 प्रतिशत
पात्रता
- आवेदक के परिवार की वार्षिक आय :-
- ग्रामीण क्षेत्र : मु. 40,000/- रू. से अधिक नहीं।
- शहरी क्षेत्र : मु. 55,000/- रू. से अधिक नहीं।
- आवेदक के पास वाहन के मामले में वैध ड्राईविंग लाईसैस हो।
(4) हस्ताशिल्प विकास योजना
परम्परागत व्यवसायों में लगे कारीगरों को अपने संगठन, सस्थाएं बना कर 5000/- रू0 प्रति कारीगर निगम से ब्याज मुक्त ऋण प्राप्त कर सकते है ।
(5) शिक्षा ऋण योजना
प्रयोजनः निर्धन परिवारों के मेधावी छात्र जो धन के अभाव से अपनी व्यवसायिक व तकनीकी उच्च शिक्षा अध्ययन को जारी नहीं रख सकते हैं उन्हे ब्याज मुक्त शिक्षा ऋण प्रदान करना। अनुमोदित विषय/कोर्सः एम.बी.बी.एस./ एम.डी./ एम.एस./ जी.ए.एम.एस./ नर्सिंग/ एल.एल.बी./ पी.एच.डी./ बी.एड./ जे.बी.टी./ तकनीकी डिप्लोमा व डिग्री/ होटल मैनेजमैंट/ पायलट प्रशिक्षण/ कृषि बागवानी में स्नातकोत्तर अध्ययन इत्यादि ।
- अधिकतम ऋण सीमाः 75,000/- रू तक
- ब्याज दरः ब्याज मुक्त
पात्रता
परिवार की वार्षिक आय मु.1,00,000/- से अधिक न हो तथा मान्यता प्राप्त शिक्षा संस्थान का नियमित छात्र हो।
(6) लघु विक्रय केन्द्र (शाप शैड)
प्रयोजनः अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जाति के परिवारों को सस्ते किराये पर व्यवसाय चलाने के लिए स्थानीय स्वायतशासी निकायों को दुकान और शैडस निर्माण के ऋण ।
- अधिकतम ऋण सीमाः 50,000/- रू तथा दुर्गम क्षेत्रों में अथवा विशेष परिस्थितियों में 60,000/रू तक
- ब्याज की दरः 4 प्रतिशत ।
पात्रता
नगर निगम, नगर परिषद,नगर पंचायत,ग्राम पंचायत
(7) व्यवसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम
प्रयोजनः निर्धन युवा, युवतियों को परम्परागत एवम गैर परम्परागत व्यवसाय जैसे इलैक्ट्रशियन, स्टैनोग्राफी,वस्त्र निर्माण, पलम्बर, मोटर ड्राईविंग बैल्डिग इत्यादि में प्रशिक्षण दिलवाना।
- प्रशिक्षण अवधि: व्यवसाय अनुसार अथवा अधिकतम 12 मास ।
- छात्रवृति : 500/रू प्रतिमाह(अपने जिला में प्रशिक्षण ले रहे) 750/रू प्रतिमाह (अपने जिले से बाहर प्रशिक्षण ले रहे)
पात्रता
आयु 18 वर्ष और 35 वर्ष तक तथा परिवार की वार्षिक आय मु.22,000/- रू. से अधिक न हो।
(8) अस्वच्छ कार्यों में संलिप्त परिवारों एवं उनके आश्रितों की विमुक्ति एवं पुर्नवास
प्रयोजनः मैला ढोने से मुक्त हुए सफाई कर्मचारियो के लिए बेहतर व्यवसाय अपनाने में व्यवसायिक प्रशिक्षण तथा वित्तीय सहायता देना ।
पात्रता
15 से 50 वर्ष तक की आयु के सफाई कर्मचारी या उसके परिवार के सदस्य
प्रशिक्षण एवं पुर्नवास सहायाताः
कर्मचारी की शैक्षणिक योग्यता व कार्यक्षमता को देखते हुए व्यवसायिक प्रशिक्षण दिलवाया जाता है प्रशिक्षण के दौरान 750/- प्रतिमास की दर से बजीफा दिया जाता है तथा प्रशिक्षण के बाद रोजगार स्थापित करने के लिये 50,000/-रू. तक वित्तीय सहायता बैकों के माध्यम से 4 प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध करवाई जाती है । इस आर्थिक सहायता में निगम द्वारा कुल परियोजना लागत का आधा भाग अधिकतम मु.10,000/- रू. की दर से प्रति लाभार्थी को पूँजी अनुदान भी दिया जाता है व कुल परियोजना लागत का 15 प्रतिशत तक सीमांत धन ऋण प्रदान किया जाता है।
(9) राष्ट्रीय सफाई कार्मचारी वित्त एवं विकास निगम की योजना ।
प्रयोजनः बड़ी परियोजनाये चलाना हेतु उच्च लागत के ऋण उपलब्ध करवाना।
- ऋण सीमाः 50,000/- रू से 5 लाख रू तक।
- ब्याज दरः 6 प्रतिशत ।
अधिक जानकारी के लिये सम्पर्कः Himachal.gov.in/hpscstdc या प्रबन्ध निदेशक हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति/जन जाति विकास निगम सोलन या सम्बन्धित जिला के जिला प्रबन्धक ।
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